: मध्यप्रदेश जिला शहर नरसिंहपुर में संपन्न हुआ रक्तदान शिविर
Sat, May 8, 2021
_*राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महाविद्यालयीन विद्यार्थी विभाग
सेवा भारती एवम केशव स्मृति मण्डल नरसिंहपुर द्वारा लगाया गया रक्तदान शिविर *_,
कोरोना वायरस महामारी में जब भी रक्त वीरों की बात आएगी। तो नरसिंहपुर जिला के बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले युवाओं की बात भी दौराई जाएगी कैसे महामारी को देखते हुए परिवारों की जब ब्लड की जरूरत होती है तब यही युवाओं के रक्त दान दिए हुए खून के सहयोग की बात सामने आती है जी हां हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश नरसिंहपुर जिला की, जहां पर,
https://youtu.be/ImjPWQ_f_bw
_कोरोन महामारी में रक्त की कमी को देखते हुए आज सरस्वती शिशु मंदिर नरसिंहपुर में केशव स्मृति मण्डल, सेवा भारती, महाविद्यालयीन विद्यार्थी विभाग द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें नगर के युवाओं द्वारा बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया गया रक्तदान शिविर में केशव स्मृति मण्डल के अनेक युवाओ एवं स्वयंसेवको द्वारा इस विपरीत परिस्थिति में रक्तदान करके बहुत से जरूरतमंद लोगों की सहायता की गई। । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस राष्ट्र को समर्पित एक संस्था है इसमें विश्व
हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जय जय श्री राम जय कारे के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ
नरसिंहपुर जिला से विनोद चौकसे की खास खबर
: कोविशील्ड वैक्सीन के दोनों डोज के बीच अंतराल बढ़ाने पर विचार, अगले हफ्ते हो सकती है घोषणा
Sat, May 8, 2021
दिल्ली. भारत (India) में जारी वैक्सीन प्रोग्राम के बीच सरकार जल्द ही बड़ा ऐलान कर सकती है. सूत्रों से जानकारी मिली है कि सरकार की एक्सपर्ट पैनल ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (Oxford-AstraZeneca) वैक्सीन के दोनों डोज के बीच अंतराल बढ़ाने पर विचार कर रही है. सरकारी पैनल एक अंतरराष्ट्रीय स्टडी में मिले सबूतों के आधार पर यह फैसला ले सकती है. स्टडी में पाया गया है कि अगर दो डोज के बीच समय को बढ़ाया जाए, तो ये ज्यादा प्रभावी हो सकती है.
वैक्सीन डोज को लेकर पैनल यह फैसला अगले हफ्ते तक ले सकती है. मार्च में द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित स्टडी बताती है कि अगर कोविशील्ड के दो डोज 12 हफ्तों के फर्क से दिए जाएं, तो उसकी प्रभावकारिता 81.3 फीसदी हो जाती है. इसके अलावा कम समय को लेकर भी चौंकाने वाली बात सामने आई है. शोधकर्ताओं ने पाया है कि अगर कोविशील्ड वैक्सीन के दोनों डोज 6 हफ्ते से कम समय में दिए जाएं, तो इसकी प्रभावकारिता केवल 55.1 प्रतिशत रह जाती है.
हालांकि, कई देश वैक्सीन का इस्तेमाल लंबे अंतराल से कर रहे हैं. एक ओर जहां ब्रिटेन में दोनों डोज 12 हफ्तों के अंतराल में दिए जा रहे हैं. वहीं, कनाडा में यह अवधि 16 हफ्तों की है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैक्सीन के दोनों डोज के बीच अंतराल के चलते इम्यून रिस्पॉन्स बेहतर होता है. कंपनी ने भी दावा किया है कि अगर वैक्सीन डोज के बीच अंतराल 12 हफ्ते या इससे ज्यादा का हो जाए, तो प्रभावकारिता 28 प्रतिशत तक बढ़ सकती है.
पहले ही बढ़ाया जा चुका है अंतराल
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में तैयार हुई कोविशील्ड के दोनों डोज के बीच अंतराल को 4-6 हफ्तों से बढ़ाकर 6-8 हफ्तों तक कर दिया गया था. एक्सपर्ट्स की तरफ से यह फैसला बीते अप्रैल में लिया गया था. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे वैक्सीन की सप्लाई चेन पर भी दबाव कम हो सकेगा. कहा जा रहा है कि ऐसा करना टीकाकरण के नए चरण में फायदेमंद हो सकता है. जहां सरकार ने 18 साल से ज्यादा उम्र के सभी नागरिकों को वैक्सीन लगाने का फैसला किया है.
6 मई की सुबह तक भारत में 16.25 करोड़ से ज्यादा टीकाकरण हो चुका था. जबकि, 18-44 साल की उम्र के 9 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को वैक्सीन डोज मिल गया था.
: कमलनाथ बोले, ‘झूठे प्रचार-प्रसार में मस्त हमारे CM
Sat, May 8, 2021
देश में एक मई से वैक्सीनेशन का तीसरा फेज शुरू होने के बाद मध्य प्रदेश में भी आखिर टीकाकरण के तीसरे फेज की शुरुआत हुई. प्रत्येक जिले में हर दिन 18 से 44 आयु वर्ग के 100 लोगों को टीका लगेगा. प्रदेश के वैक्सीनेशन प्लान पर हमला बोलते हुए पूर्व CM कमलनाथ ने कहा कि 100-100 लोगों को वैक्सीन लगेगी तो टीकाकरण पूरा होने में सालों बीत जाएंगे.
कमलनाथ ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हमारे प्रचार प्रिय मुख्यमंत्री जनता की तकलीफों के बीच भी प्रचार प्रसार में व्यस्त हैं. महामारी के बीच भी ये करोड़ों रुपए के विज्ञापन दे रहे हैं. खुद की फोटो के साथ वैक्सीन के विज्ञापन देकर लोगों को बुला रहे हैं, वैक्सीन के फायदे भी गिनवा रहे हैं, लेकिन वैक्सीन कहां है इसका पता नहीं.