: कांग्रेस की प्रेस विज्ञप्तिभाजपा सरकार दिव्यांगजनों को अधिकारों से वंचित कर असंवेदनशीलता की कर रही पराकाष्ठा – : रवि सक्सेना
Vinod Chouksey
Tue, Sep 16, 2025
भाजपा सरकार दिव्यांगजनों को अधिकारों से वंचित कर असंवेदनशीलता की कर रही पराकाष्ठा – : रवि सक्सेना
*भोपाल, दिनांक 16 सितम्बर 2025.
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने कहा कि मध्यप्रदेश में दिव्यांगजन लगातार उपेक्षा और अन्याय का शिकार हो रहे हैं। राज्य में करीब 35 लाख से अधिक दिव्यांगजन हैं, लेकिन सरकार उन्हें उनके संवैधानिक अधिकार और उचित सम्मान निधि देने में असफल साबित हुई है।
रवि सक्सेना ने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को ₹1250 प्रतिमाह सहायता राशि देती है, वहीं दूसरी ओर दिव्यांगजनों को मात्र ₹600 प्रतिमाह पेंशन देकर उनका अपमान कर रही है। यह राशि ना केवल अपर्याप्त है बल्कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act) की धारा 24 का भी घोर उल्लंघन है। इस अधिनियम के अनुसार दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में सामान्य लाभार्थियों की तुलना में कम से कम 25% अधिक लाभ मिलना चाहिए।
ये उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना भी है*
उन्होंने याद दिलाया कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय पहले ही 2013 में सरकार को निर्देश दे चुका है कि दिव्यांगजनों को RPwD Act के अनुरूप पेंशन दी जाए। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने राजीव रतुरी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (2017) के फैसले में स्पष्ट कहा था कि RPwD Act की धाराएँ केवल नीति नहीं बल्कि कानूनी अधिकार हैं। लेकिन भाजपा सरकार ने ना तो उच्च न्यायालय का आदेश मानाऔर ना ही सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया।
UDID कार्ड प्रक्रिया में लापरवाही
प्रदेश प्रवक्ता रवि सक्सेना ने कहा कि दिव्यांगजनों को योजनाओं से जोड़ने के लिए UDID कार्ड अनिवार्य किया गया है। लेकिन आज तक मध्यप्रदेश में लगभग 35 लाख दिव्यांगों की तुलना में सिर्फ 9.5 लाख दिव्यांगजनों को ही यह कार्ड दिया है, जिस कारण लाखों दिव्यांग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित किये जा रहे हैं। यदि UDID कार्ड बनाने की यही रफ्तार रही तो प्रदेश के सभी दिव्यांगजनों को UDID कार्ड मिलने में 21 साल से अधिक लग जाएंगे। तब तक लाखों दिव्यांगजन सरकारी योजनाओं से वंचित रहेंगे।
दिव्यांग बच्चों का सर्वेक्षण नहीं हुआ
RPwD Act, 2016 की धारा 17 में स्पष्ट प्रावधान है कि हर पाँच साल में दिव्यांग बच्चों का सर्वे किया जाए, ताकि उनकी विशेष आवश्यकताओं का पता चल सके। लेकिन आज तक मध्यप्रदेश सरकार ने एक भी सर्वेक्षण शुरू नहीं किया। इसका सीधा असर दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, रोजगार और भविष्य पर पड़ रहा है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश एवं केंद्ररीय गजट नोटिफिकेशन के अनुसार राज्य शासन जो सामाजिक सुरक्षा पेंशन दे रही है उसका 25% बढ़ाकर दिव्यांगों को प्रदान किया जाय अर्थात लाड़ली बहना योजना में प्रदान 1250रुपयों का 25% 1562 रूपये दिव्यांगजनों को पेंशन प्रदान किया जाना चाहिये!
रवि सक्सेना की माँगें
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने भाजपा सरकार से तत्काल निम्नलिखित कदम उठाने की माँग की—
- दिव्यांग पेंशन हाई कोर्ट के आदेश के परिपेक्ष्य में ₹600 से बढ़ाकर न्यूनतम ₹1562 प्रतिमाह की जाये ।
- सभी दिव्यांगजनों को निर्धारित समय सीमा में UDID कार्ड उपलब्ध कराए जाये।
- दिव्यांगों के लिये आरक्षित सरकारी पदों पर तत्काल नियुक्ति walk in interview के माध्यम से की जाय!
- दिव्यांगों की गणना हर दो वर्ष की अवधि में अनिवार्य रूप से करायी जाए।
- दिव्यांगजनों को शासन की सभी योजनाओं और कार्यक्रमों में कम से कम 25% अतिरिक्त लाभ सुनिश्चित किया जाए।
- दिव्यांग कल्याण के लिए त्वरित निर्णय लेने हेतु एक विशेष प्रकोष्ठ मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन गठित किया जाए।
रवि सक्सेना ने कहा कि भाजपा सरकार "समावेशी विकास" की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि भाजपा की इस असंवेदनशील सरकार में आज प्रदेश के दिव्यांगजन दो वक्त की रोटी, शिक्षा,न्यूनतम सम्मान और आर्थिक सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। केवल 600 रुपये की पेंशन देकर सरकार दिव्यांगजनों की गरिमा और अधिकारों का मखौल उड़ा रही है। कांग्रेस पार्टी यह अन्याय किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी और दिव्यांगजनों के हक़ की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी।
सादर प्रकाशनार्थ
मीडिया विभाग
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी!


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