भ्रम टूट गया कविता का रस। : शब्द की परिभाषा जाने।
Vinod Chouksey
Sat, Nov 29, 2025
शीर्ष लेखन ✍️
#भ्रम_टूट_गया
अच्छा हुआ दोस्त,
भ्रम सारा टूट गया
साथ होने का तेरा वादा,
अब कही छूट गया ।।
अच्छा हुआ चलन नहीं रहा
किसी के भी विश्वास का
खुद के खुदा को आखिर,
किसी की कोई तलाश कहा ।।
दोस्ती की इस कहानी में,
तेरा घर मेरे आना–जाना सब
अच्छा हुआ वक्त के साथ-साथ
किताबी बातों की तरह छूट गया ।।
आज खाई हैं ,ठोकर तो जाना
जज्बाती होने का जमाना छूट गया
मतलबी दुनिया की रीति रिवाज है
सच्चे दोस्तों का याराना छूट गया ।।
हमने तो कोशिश की थी
हर रंग जमाने की यारी में,
तेरे विचारों की भी कहीं
बहुत गहरी खाई थी शायद ।।
दोस्ती के लिए, कहां रहा गया
वह दोस्ताना माहौल पहिले जैसा
मैं तो मुसाफिर हूं मेरे गांव का ही,
तेरे शहर आना मेरा अब छूट गया ।।
©®आशी प्रतिभा दुबे ( स्वतंत्र लेखिका)
मध्य प्रदेश, ग्वालियर
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कवि का संदेश।
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