“सत्यं शिवं सुन्दरम्” का सूत्र सिखाती है भगवान शिव कथा - डॉ. सर्वेश्व : सत्यम शिवम सुंदरम।
Vinod Chouksey
Mon, Nov 10, 2025
“सत्यं शिवं सुन्दरम्” का सूत्र सिखाती है भगवान शिव कथा - डॉ. सर्वेश्वर


Title 2: विश्व के कण-कण में है शिव तत्व की थिरकन - डॉ. सर्वेश्वर
Title 3: ब्रह्मज्ञान के माध्यम से शिव तत्व भीतर प्रकट होता है - डॉ. सर्वेश्वर
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा हुडा ग्राउंड, यूरो इंटरनेशनल स्कूल के पास, सेक्टर-10, गुरुग्राम, हरियाणा में 9 से 15 नवंबर 2025 तक सात-दिवसीय भगवान शिव कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसका समय शाम 5:00 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक निर्धारित है। कार्यक्रम का शुभारंभ रुद्री पाठ के साथ वैदिक रीति से किया गया। इसके पश्चात यजमान परिवारों द्वारा विधि-विधान पूर्वक शिव महापुराण का पूजन सम्पन्न किया गया, जिसके द्वारा कथा की पवित्र शुरुआत हुई। कथा के प्रथम दिवस दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य कथा व्यास डॉ. सर्वेश्वर जी ने कथा माहात्म्य का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान शिव की महिमा ऐसी है जो देश-काल की समस्त सीमाओं से परे विश्व के कण-कण में समाहित है। आज केवल भारत ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण विश्व में भगवान शिव की उपासना के असंख्य प्रमाण मिलते हैं। उदाहरणस्वरूप तुर्किस्तान के बेबीलोन में 1200 फुट का विशाल शिवलिंग, स्कॉटलैंड में स्वर्णजड़ित शिवलिंग, आयरलैंड के तारा हिल में प्राचीन शिवलिंग, तथा दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, मेक्सिको, जावा, कम्बोडिया, सुमात्रा, नेपाल, भूटान, इटली एवं यूरोप के विभिन्न क्षेत्रों में प्राचीन शिवलिंगों के प्रमाण उपलब्ध हैं। ये सभी साक्ष्य भगवान शिव की सर्वगम्यता एवं वैश्विक प्रसिद्धि को दर्शाते हैं। भारत में अनेक विदेशी आक्रमणों एवं सामाजिक परिवर्तनों के बाद भी यदि भारतीय संस्कृति आज भी जीवंत है, तो इसका कारण इसकी धमनियों में प्रवाहित होता शिव तत्व है। परंतु आधुनिकता की अंधी दौड़ में आज की पीढ़ी शिव तत्व से दूर होती जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप समाज में हिंसा, वैमनस्य और मतभेद बढ़ रहे हैं। प्रभु की यह पावन कथा इसी सनातन शिव तत्व को जागृत करने हेतु है, क्योंकि ब्रह्मज्ञान के माध्यम से शिव तत्व भीतर प्रकट होता है। जब मनुष्य “सत्यं शिवं सुन्दरम्” के पथ का अनुसरण करता है, तभी उसका जीवन कल्याणकारी स्वरूप को प्राप्त करता है। पहले दिवस का समापन प्रभु की पावन आरती के साथ हुआ। अधिक जानकारी हेतु संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट देखें: https://www.djjs.org/
प्रथम दिवस के यजमान रहे: श्री विनोद प्रकाश कोरीवाल एवं श्रीमती मंजू कोरीवाल (AVM Management Service)। यजमानों के साथ-साथ अनेक विशिष्ट अतिथिगण ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की, जिनमें मुख्य रूप से श्रीमती एवं श्री S. V. Goyal (CEO एवं Director, METL-Reliance), श्री त्रिलोक चंद अग्रवाल (अध्यक्ष, वैश्य समाज), श्री पवन जिंदल (अध्यक्ष, दौलताबाद रोड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन), श्री बबल उपाध्याय एवं श्री बॉबी उपाध्याय, श्री सुरिंदर वशिष्ठ, श्री राकेश गुप्ता (महामंत्री, वैश्य समाज), श्री नावेल सागर, श्री राजेश सागर, श्री सुरेंद्र वत्स एवं श्रीमती सुदेश वत्स, श्री कमलेश्वर प्रसाद तिवारी (सेवानिवृत्त फ्लाइंग ऑफिसर), श्री राजीव शर्मा (GST विभाग), श्रीमती रीना शर्मा एवं कु. महक शर्मा (KAN ITC CO), श्री कैलाश शर्मा, श्री देवकी नंदन अग्रवाल, श्री प्रवीण गर्ग, श्री अरुण अग्रवाल, तथा श्री एम. पी. गौतम सम्मिलित रहे।
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सत्य की खोज
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